एक विद्वान और एक धनवान दो मित्र थे ! दोनों में एक बार बहस छिड़ गई ! धनवान का कहना था कि पैसा हर मुश्किल आसान कर देता है ! जबकि विद्वान का कहना था के बुद्धि के प्रयोग से हर मुश्किल का हल निकाला जा सकता है ! उकी समय वहाँ से राजा का काफिला गुजरा दोनों ने अपने झगडे में राजा का सम्मान भी नहीं किया राजा ने दोनों को काराग्रह में बंद करवा दिया ! दोनों को इस अपराध में मौत कि सजा सुना दी गयी ! अब दोनों परेशान हो गए ! धनवान के जेल के पहरेदारों को काफी धन का लालच भी दिया मगर कोई लाभ नहीं हुआ ! विद्वान ने अपनी बुद्दी का प्रयोग किया कुछ सोचा और धनवान से कहा जैसा मैं कहूँ वैसा करो !
,.................... जारी....... पूरी कहानी अगली बार.............
एक विद्वान और एक धनवान दो मित्र थे ! दोनों में एक बार बहस छिड़ गई ! धनवान का कहना था कि पैसा हर मुश्किल आसान कर देता है ! जबकि विद्वान का कहना था के बुद्धि के प्रयोग से हर मुश्किल का हल निकाला जा सकता है ! उकी समय वहाँ से राजा का काफिला गुजरा दोनों ने अपने झगडे में राजा का सम्मान भी नहीं किया राजा ने दोनों को काराग्रह में बंद करवा दिया ! दोनों को इस अपराध में मौत कि सजा सुना दी गयी ! अब दोनों परेशान हो गए ! धनवान के जेल के पहरेदारों को काफी धन का लालच भी दिया मगर कोई लाभ नहीं हुआ ! विद्वान ने अपनी बुद्दी का प्रयोग किया कुछ सोचा और धनवान से कहा जैसा मैं कहूँ वैसा करो ! शायद हम बच जाएँ !
विद्वान के कहे अनुसार दोनो जोर.जोर से चिलाने लगे ष्पहले मुझे फांसी दो . पहले मुझे फांसी दो !ष् शोर सुनकर राजा वहाँ पहुँचा और पूछने लगा कि तुम एक दूसरे से पहली क्यूँ मरना चाहते होघ् विद्वान ने कहा इस महूर्त में जो मरेगा वह स्वर्ग को भोगेगा बड़ा अच्छा मुहूर्त है ये मैं इसे खोंना नहीं चाहता हूँ ! राजा घमंड के कारण मुर्ख हो गया था वह कहने लगा मैं राजा हूँ तो स्वर्ग तो मुझे ही मिलेगा और अनपे सैनिकों को आदेश दिया कि मुझे फांसी दे दो !ष्
इस तरह से विद्वान ने अपनी बुद्धि के प्रयोग से अंपनी और अपने मित्र की जान बचाली !
जहां धन काम नहीं करता वहाँ बुद्धि के बल से सफलता प्राप्त की जा सकती है !
,.................... जारी....... पूरी कहानी अगली बार.............
एक विद्वान और एक धनवान दो मित्र थे ! दोनों में एक बार बहस छिड़ गई ! धनवान का कहना था कि पैसा हर मुश्किल आसान कर देता है ! जबकि विद्वान का कहना था के बुद्धि के प्रयोग से हर मुश्किल का हल निकाला जा सकता है ! उकी समय वहाँ से राजा का काफिला गुजरा दोनों ने अपने झगडे में राजा का सम्मान भी नहीं किया राजा ने दोनों को काराग्रह में बंद करवा दिया ! दोनों को इस अपराध में मौत कि सजा सुना दी गयी ! अब दोनों परेशान हो गए ! धनवान के जेल के पहरेदारों को काफी धन का लालच भी दिया मगर कोई लाभ नहीं हुआ ! विद्वान ने अपनी बुद्दी का प्रयोग किया कुछ सोचा और धनवान से कहा जैसा मैं कहूँ वैसा करो ! शायद हम बच जाएँ !
विद्वान के कहे अनुसार दोनो जोर.जोर से चिलाने लगे ष्पहले मुझे फांसी दो . पहले मुझे फांसी दो !ष् शोर सुनकर राजा वहाँ पहुँचा और पूछने लगा कि तुम एक दूसरे से पहली क्यूँ मरना चाहते होघ् विद्वान ने कहा इस महूर्त में जो मरेगा वह स्वर्ग को भोगेगा बड़ा अच्छा मुहूर्त है ये मैं इसे खोंना नहीं चाहता हूँ ! राजा घमंड के कारण मुर्ख हो गया था वह कहने लगा मैं राजा हूँ तो स्वर्ग तो मुझे ही मिलेगा और अनपे सैनिकों को आदेश दिया कि मुझे फांसी दे दो !ष्
इस तरह से विद्वान ने अपनी बुद्धि के प्रयोग से अंपनी और अपने मित्र की जान बचाली !
जहां धन काम नहीं करता वहाँ बुद्धि के बल से सफलता प्राप्त की जा सकती है !
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें